The Basic Principles Of Dosti Shayari

जब बचपन मे दोसत के साथ की हुई मस्तियाँ याद आती है

और जो मेरे दुश्मन हैं उनके लिए मैं आफत हूँ।

इस तरह की शायरी में कम शब्दों में गहरे भाव छिपे होते हैं, जो दोस्त को मुस्कुराने पर मजबूर कर देते हैं।

न जाने इस ज़िंदगी की राह में कब कौन अकेला हो जाए,

थे तो कमीने, लेकिन रौनक भी उन्हीं से थी।

चाहे दुनिया लाख छुपा ले, वो सच्चाई दिखा जाए।

“तेरे संग हर पल सुंदर, तेरी यारी सबसे अलग।”

वो दोस्त अब हमारी यादों में सिमट गया है।

जिगरी दोस्ती में हर बात होती है, बस दिल की समझी।

मित्र के साथ सम्मान, ईमानदारी और सच्चाई के साथ व्यवहार करना चाहिए। सच्चा मित्र हमें सकारात्मक मार्गदर्शन और मानसिक समर्थन देता है।

वो पल ज़िन्दगी का सबसे खूबसूरत हिस्सा होता है

वो तो वही है जो दूर होकर भी दिल के पास हो।

To put it briefly, dosti shayari is a great deal more than simply text; it’s a voice that provides to lifestyle the Dosti Shayari Tale of friendship with all its turns, challenges, and contentment.

“दोस्ती गुलाब जैसी सु‍ंदर, तेरी यारी सदा अमर।”

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